सच की तलाश में शुरू हुआ सफ़र.....मंजिल तक पहुंचेगा जरुर !!!

सच की तलाश में शुरू हुआ सफ़र.....मंजिल तक पहुंचेगा जरुर !!!
AMIR KHURSHEED MALIK

Thursday, February 20, 2014

मै ही साम्प्रदायिकता हूँ

मै ही साम्प्रदायिकता हूँ
छल-प्रपंचो से रची गई
झूठे आडम्बरों से ढकी गई
कपट के आँचल में ही पली
विष का ही जय गान किया
क्योंकि ...... मै ही साम्प्रदायिकता हूँ !
दोषी का ही गुण-गान किया
आरोपी को ही सम्मान दिया
निश्चल-निर्मल धाराओं का
सदा ही यूँ अपमान किया
 क्योंकि ...... मै ही साम्प्रदायिकता हूँ !
राजनीति का रूप बदलकर
कुनीति का जयगान किया
सत्ता के गलियारों में भी
नंगो जैसा नाच किया
क्योंकि ...... मै ही साम्प्रदायिकता हूँ !
निर्दोषों का रक्त बहा कर
मानवता का अपमान किया
पाखंडों के साए में हरदम
धर्म का ही अपमान किया
क्योंकि ...... मै ही साम्प्रदायिकता हूँ !




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