सच की तलाश में शुरू हुआ सफ़र.....मंजिल तक पहुंचेगा जरुर !!!

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AMIR KHURSHEED MALIK
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Saturday, December 12, 2015

सच

सच की ही जीत होती है !
देर से ही सही , 
इन्साफ होता जरुर है !
क्या अब भी आप यही रटते रहेंगे ?
अरे , अब तो मान लीजिये !
जुर्म भी "अमीर" और" गरीब" होता है !
खैर जाने भी दीजिये जनाब !
आइये "पतंग" उड़ाते हैं !
क्या पता कल यही काम आ जाए !

Thursday, February 20, 2014

अच्छाई और बुराई

इस दुनिया में अच्छाई के साथ बुराई भी है , लेकिन अगर हम सिर्फ अच्छाई की चर्चा करें वही बेहतर होगा ,क्योंकि बुराई तो चाहती ही है की सिर्फ उसकी बात हो , हमें उसको नज़रंदाज़ करके अच्छे को तरजीह देना चाहिए .............. ! negative  हमारे आस पास इतना ज्यादा है की उससे पूरी तरह बच पाना असंभव है , इसलिए जब हम सिर्फ पॉजिटिव पर ध्यान केन्द्रित करेंगे तभी कुछ बचाव हो पायेगा ! लेकिन जब हम अपनी तरफ से ही negative के लिए जगह छोड़ देंगे तो फिर .............. !

मै ही साम्प्रदायिकता हूँ

मै ही साम्प्रदायिकता हूँ
छल-प्रपंचो से रची गई
झूठे आडम्बरों से ढकी गई
कपट के आँचल में ही पली
विष का ही जय गान किया
क्योंकि ...... मै ही साम्प्रदायिकता हूँ !
दोषी का ही गुण-गान किया
आरोपी को ही सम्मान दिया
निश्चल-निर्मल धाराओं का
सदा ही यूँ अपमान किया
 क्योंकि ...... मै ही साम्प्रदायिकता हूँ !
राजनीति का रूप बदलकर
कुनीति का जयगान किया
सत्ता के गलियारों में भी
नंगो जैसा नाच किया
क्योंकि ...... मै ही साम्प्रदायिकता हूँ !
निर्दोषों का रक्त बहा कर
मानवता का अपमान किया
पाखंडों के साए में हरदम
धर्म का ही अपमान किया
क्योंकि ...... मै ही साम्प्रदायिकता हूँ !