अगर तीसरे मोर्चे
की बात करें तो नज़र आता है कि उनके पास प्रधानमंत्री पद के भी कई दावेदार होंगे ।
तब मुलायम के अलावा मायावती, शरद पवार, जयललिता, नीतीश कुमार और
ममता बनर्जी पीएम बनने की रेस में शामिल हो जायेंगे । इनमें से सभी २० या उससे
अधिक सीटें जीतने में सक्षम हैं । शरद
पवार बेशक अपवाद हैं, लेकिन अगर वह १०
से १४ सीटें जीतते हैं, तब भी उनका महत्व
कम नहीं होगा । तीसरे मोरचे में वाम दल, सपा के अलावा तेदेपा, राकांपा, रालोद, जद (एस), बीजद, जदयू, नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, अन्नाद्रमुक या द्रमुक,इनेलो, तेलंगाना राष्ट्र
समिति, वाईआरएस कांग्रेस और अन्य
छोटे दल शामिल हो सकते हैं । पर ऐसा तभी हो सकता है, जब भाजपा एवं शिवसेना को अलग-थलग कर दिया जाए और बसपा एवं
तृणमूल कांग्रेस तटस्थ रहें । कुछ क्षेत्रीय ताकतें दोनों तरफ जा सकती हैं । वो
चुनाव बाद के नतीजों के अनुसार फायदे की बात को तरजीह देने में माहिर मानी जाती
हैं ।
.jpg)
No comments:
Post a Comment