सच की तलाश में शुरू हुआ सफ़र.....मंजिल तक पहुंचेगा जरुर !!!

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AMIR KHURSHEED MALIK

Wednesday, February 26, 2014

चुनावी मौसम

                                                               सर्वेक्षणों की हकीकत 
हर चुनावी मौसम की तरह इस बार भी हर न्यूज़ चैनल और सर्वेक्षण एजेंसियों के चुनावी आंकलन आने लगे है । लगभग सभी में कांग्रेस को नुकसान और भाजपा को बढ़त की बात दोहरे गई है । हालांकि किसी को बहुमत मिलता नहीं दिखाया गया है । साथ ही क्षेत्रीय दलों और तीसरे मोर्चे को भी फायदा मिलने की संभावना जताई जारही है । लेकिन यहाँ पर हम कुछ पिछले सर्वेक्षणों की बात करेंगे । सबसें पहले बात करते है लोकसभा चुनाव 2009 की। जब भाजपा के दिग्गज नेता लाल कृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में पूरी भाजपा दिल्ली की सत्ता पर आसीन होने के जुटी थीं। उस दौरान आने वाले लगभग हर मीडिया सर्वेक्षण में यह बात कही जा रही थी कि काग्रेंस शासित यूपीए का ग्राफ गिर रहा है और सत्ता के शीर्ष तक पहुँचने की डगर काफी कठिन है। हर रिपोर्ट का निष्कर्ष लगभग में यही होता था। कि भाजपा सत्ता में आ रही है। पर जब लोकसभा चुनाव 2009 के परिणाम आयें तो वह अप्रत्याशित थें। यूपीए दुगनी ताकत के साथ सत्ता में आया। अब बात करतें है यूपी विधानसभा चुनाव 2012 की। लोकसभा चुनावों के लिहाज सें अत्यन्त महत्वपूर्ण इस विधान सभा चुनाव में जो चुनावी सर्वेक्षण परिणाम आ रहें थें, उनमें सपा को लाभ तो दिखाया जा रहा था। पर साथ यह भी कहा जा रहा था कि यूपी विधानसभा चुनाव 2012 के परिणाम त्रिशुंक होगें । किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नही मिलेगा। पर जब परिणाम तो सारें मीडिया सर्वेक्षण धरें के धरे रह गयें, ओर सपा पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आयी। दिल्ली के पिछले चुनाव की बात करें तो केजरीवाल टीम से इतनी अच्छी सफलता की उम्मीद किसी सर्वेक्षण ने नहीं की थी । हालांकि इससे यह सिद्ध नहीं होता कि सर्वेक्षण हमेशा ही गलत होते हैं ।परन्तु इस पर पूरी तरह से भरोसा नहीं किया जासकता । क्योंकि यह सर्वेक्षण चुनिन्दा लोगो पर किये जाते हैं । इनसे हमेशा वास्तविक तस्वीर सामने आयेगी , ऐसा नहीं कहा जा सकता ।उधर एक स्टिंग आपरेशन ने सर्वेक्षण एजेंसियों पर पैसा लेकर रिजल्ट में फेरबदल का आरोप लगाया है , इससे इस पुरे मामले में एक नया मोड़ आ गया है ।

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