सच की तलाश में शुरू हुआ सफ़र.....मंजिल तक पहुंचेगा जरुर !!!

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AMIR KHURSHEED MALIK
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Monday, February 22, 2016

तर्क बनाम कुतर्क

कुछ तो वजह रही होगी जो हमारे शरीर में दिमाग ने दिल से ऊपर जगह पाई है । फिर भी अक्सर दिमाग के ऊपर दिल हावी हो जाता है । अब अगर दिमाग के बारे में भी दिमागदारों की बात माने , तो दिमाग का भी उपरी हिस्सा “तर्क” के लिए है। जबकि निचला हिस्सा “संवेदनाओं” के लिए है । लेकिन तर्क पर अक्सर हमारी सोच हावी हो जाती है जिससे “तर्क” बदलकर “कुतर्क” बन जाता है।

Thursday, January 15, 2015

यू टर्न

मुझे अच्छी तरह पता है कि राजनीति अच्छी चीज़ नहीं है ! भ्रष्टाचार के विरुद्ध सशक्त आवाज़ इससे अलग रह कर ही उठाई जा सकती है ! चूँकि मेरी प्राथमिकता, ............मेरी लड़ाई भ्रष्टाचार के विरुद्ध है इसलिए मै इसमें कभी शामिल नहीं हूँगा ...................................... लेकिन
...............................लेकिन
.....................लेकिन
.............लेकिन
...लेकिन
अगर दिल्ली के मुख्यमंत्री का पद मिले , तो इरादा बदल भी सकता है

Friday, January 2, 2015

“यू टर्न” से “राईट टर्न”

कन्याकुमारी से कश्मीर तक पूरे देश के लोगों की उम्मीद है विकास , सुशासन और रोजगार। यों तो नई सरकार के लिए छह महीने का कार्यकाल बहुत ज्यादा नहीं होता, लेकिन यह सरकार अन्य सरकारों की तरह सामान्य नहीं है। इतने बड़े पैमाने पर युवाओं ने शायद ही किसी सरकार को वोट दिया हो। परिवर्तन के लिए हमेशा तैयार रहने वाली यह पीढ़ी अपनी अपेक्षाओं पर सरकार को तौल रही है । उसको विकास , सुशासन और रोजगार तो चाहिए ही है । पुराने वायदों पर अमल भी चाहिए । जोकि बीजेपी के परंपरागत वोटर की भी प्राथमिकता होगी । ऐसे में सरकार के सामने चुनौतियां कम नहीं हैं । लेकिन उनके पास यह सब करने के लिए बहुमत से लबरेज़ एक लम्बा सुनिश्चित कार्यकाल भी है । देखना यह है कि लोगों की  
“यू टर्न” से “राईट टर्न” तक की चाहत कब पूरी हो पाएगी । 

Thursday, December 25, 2014

““यू टर्न”

मोदी सरकार 6 महीने गुजरने के साथ ही ““यू टर्न” सरकार” का तमगा हासिल करने में कामयाब रही है। बीमा विधेयक हो या बांग्लादेश के साथ सीमा समझौता , एफडीआई में विदेशी निवेश बढाने की नीति हो या नेताजी सुभाषचंद्र बोस की फाइलों के सच को छुपाने की चाहत । आज भाजपा की सरकार वही कर रही है जो संप्रग सरकार करना चाहती थी । कालाधन , एफडीआई , पाक का मुंहतोड़ जवाब ,जैसे कई मुद्दों पर बीजेपी का रुख बदला हुआ नज़र आरहा है । यह कहना गलत ना होगा कि आज भाजपा सरकार अपने परंपरागत वादों से मुकरती नज़र आ रही है । उधर अगर दुसरे पहलू पर देखें तो आज कई मुद्दों पर कांग्रेस की वही राय है ,जो विपक्ष में रहते हुए भाजपा बोलती थी । हालाँकि सरकार का दावा है कि उसने छह महीने में बहुत कुछ कर दिया है । भाजपा को एक के बाद एक चुनावी कामयाबी भी मिल रही है, लेकिन हर चुनावी कामयाबी के बाद उम्मीदों की संख्या भी बढती जा रही है। सिर्फ 6 माह में हर उम्मीद तो परवान नही चढ़ सकती पर ऐसे में बीजेपी के पुराने वायदों पर सबकी नज़र जाना स्वभाविक है ।