अरे भैया हम तनिक
कनफ़्युसिया गए हैं ! बात कुछ हज़म नहीं हो रही , आखिर होती भी कैसे ? आखिर विरोधाभासी तड़का जो लग गया था ! चलिए मान लेते हैं कि मनरेगा देश के लिए हितकारी नहीं है ! हम कुछ देर के लिए विश्व बैंक की मनरेगा के
सकारात्मक पक्ष को उभारती रिपोर्ट को भी भूल जाते हैं ! लेकिन भाई अगर सर्वोच्च पद
पर बैठ कर हमें पता लग गया है कि मनरेगा
देश के लिए ठीक नहीं है तो हम तत्काल प्रभाव से बंद क्यों नहीं कर देते ? आखिर हम
सिर्फ कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराने की जिद में एक गलत योजना को को क्यों चलाना
चाहते हैं ? यकीनन कांग्रेस से देश ज्यादा महत्वपूर्ण है ! ऐसे में क्यों हम देश
हित को पीछे रख कर सिर्फ कांग्रेस की बलिहारी देश का इतना नुकसान करते रहने को
विवश हैं ? शायद आप महानुभवों के पास जवाब हों ..... तनिक हमरा ज्ञानवर्धन भी कर
दीजे !
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