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| Amir Khursheed Malik |
एक आंकलन के अनुसार बलात्कार
की घटनाओं में से 60 से 65 फीसदी खुले में
शौच गयीं महिलाओं के साथ होती है। यूपी पुलिस के अनुसार उनके पास आने
वाले मामलों में ६० फीसदी से अधिक ऐसे ही मामले होते है । एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट भी कुछ इसी तरह का
निष्कर्ष देती है । विश्व स्वास्थ्य संगठन की अगर मानें तो भारत में आज भी साठ करोड़ लोग खुले में शौच जाते
हैं, जिसमें आधी
संख्या महिलाओं की है। भारत में खुले में शौच की प्रवृत्ति को रोकने और घर के ही
कोने में शौचालय बनवाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए 1999 से ही ‘निर्मल भारत
अभियान’ चलाया जा रहा है। परन्तु अभी तक इस योजना के लाभ को आंकना
बाकी है । सरकारी दावे तो बहुत हुए , परन्तु वास्तविकता इस से कहीं अलग प्रतीत
होती है । . केंद्र सरकार का दावा है कि देश की 43 फीसदी आबादी ही शौचालय से वंचित
है, पर एक एन.जी.ओ. से जुड़े व्यक्ति का कहना है कि
देश की सिर्फ 30 फीसदी आबादी को ही शौचालय सुलभ हो सका है।

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